Jai Maa Baglamukhi

पंडित श्री यशवंत व्यास जी मध्य प्रदेश के जिला मंदसौर, तहसील गरोठ, ग्राम लाखाखेड़ी के प्रतिष्ठित ब्राह्मण परिवार से संबंध रखते हैं। इनका परिवार समाज में अपनी आध्यात्मिक और धार्मिक परंपरा के लिए जाना जाता है। बचपन से ही धार्मिक संस्कार और वैदिक अध्ययन की प्रेरणा मिलने के कारण इन्होंने वेद, ज्योतिष और वास्तु के क्षेत्र में गहन अध्ययन एवं साधना की।

पंडित जी ने श्री कायावर्णेश्वर वेद विद्या पीठ, क्यासरा (डग), झालावाड़ से वेदों की शिक्षा प्राप्त की तथा आगे चलकर सांदीपनी प्रतिष्ठान, उज्जैन से ज्योतिष और वास्तु का विशेष अध्ययन किया। आज वे ज्योतिष एवं वास्तु विशेषज्ञ के रूप में भी जाने जाते हैं।

मां जगदंबा की कृपा से पंडित जी को वाक् सिद्धि, ब्रह्मास्त्र विद्या तथा अन्य आध्यात्मिक सिद्धियों का आशीर्वाद प्राप्त है। इनके आचार्यत्व में कई बड़े धार्मिक अनुष्ठान जैसे सहस्र कुंडिय यज्ञ, मूर्ति प्रतिष्ठा, सहस्त्र चंडी पाठ एवं अन्य वैदिक अनुष्ठान सफलतापूर्वक संपन्न हुए हैं।

पंडित यशवंत व्यास जी वर्तमान में मां बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा (जिला आगर-मालवा, मध्य प्रदेश) में साधना और विशेष अनुष्ठान करते हैं। वे मां बगलामुखी साधना, तांत्रिक अनुष्ठानों और वैदिक कर्मकांड के प्रसिद्ध साधक माने जाते हैं।

उन्हें मां बगलामुखी की साधना का 13+ वर्षों का विशेष अनुभव है और कुल मिलाकर 18+ वर्षों से वैदिक कर्मकांड एवं धार्मिक अनुष्ठानों का अनुभव है।

पंडित जी विभिन्न प्रकार के विशेष अनुष्ठान एवं साधनाएं सम्पन्न करवाते हैं, जैसे —
सम्मोहन तंत्र प्रयोग (लाल मिर्च प्रयोग), राजनीतिक लाल मिर्च प्रयोग, वशीकरण (भैरव प्रयोग), लक्ष्मी प्राप्ति (वैदिक प्रयोग) तथा रोग निवारण (चंडी प्रयोग)।

इसके अतिरिक्त वे पीताम्बरा साधना (लाल मिर्च अनुष्ठान), शत्रु स्तंभन, ऋण मुक्ति, व्यापार वृद्धि तथा जीवन की विभिन्न बाधाओं के निवारण हेतु भी विशेष अनुष्ठान करवाते हैं।

 

हमारा संकल्प

मां बगलामुखी की कृपा से श्रद्धालुओं के जीवन से शत्रु बाधा, ऋण, मानसिक तनाव और नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर उन्हें शांति, शक्ति और सफलता प्रदान करना।”

 

पंडित यशवंत व्यास जी

माँ बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा
+91 8839250832 

विशेषज्ञता

  • मां बगलामुखी साधना एवं तांत्रिक अनुष्ठान
  • शत्रु स्तंभन एवं शत्रु दमन उपाय
  • व्यापार वृद्धि एवं करियर उन्नति उपाय
  • कोर्ट केस एवं कानूनी समस्याओं के समाधान हेतु अनुष्ठान
  • ज्योतिषीय परामर्श एवं वास्तु समाधान

पंडित जी के आचार्यत्व में अनेक धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए हैं, जिनमें प्रमुख हैं:

• सहस्र कुंडिय यज्ञ
मूर्ति प्रतिष्ठा समारोह
सहस्त्र चंडी पाठ
विशेष वैदिक हवन एवं अनुष्ठान

इनका उद्देश्य श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक मार्गदर्शन देना और मां बगलामुखी की कृपा से उनके जीवन की बाधाओं को दूर करना है।

माँ बगलामुखी मंदिर नलखेड़ा का इतिहास

माँ बगलामुखी मंदिर मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के नलखेड़ा नगर में लखुन्दर नदी के के पूर्वी तट पर स्थित है। यह मंदिर पांडव कालीन अति प्राचीन है मंदिर के गर्भ गृह में माता बगलामुखी की स्वयंभू प्रतिमाह के रूप में विराज मान है तथा माता के साथ दाये बाये महालक्ष्मी महा सरस्वती विराज मान है।

यह मंदिर देश विदेश में अति प्रचलित है एवं चमत्कारिक भी है। मंदिर परिसर में भैरव ,हनुमान व पारदेश्वर राधे कृष्ण मंदिर के साथ ऋषि मुनियों की अति प्राचीन जाग्रित समाधिया स्तिथ है जो की मंदिर को अति प्राचीन होने का प्रमाण देती है मंदिर की मान्यता अनुसार माता त्वरित फल दाई है इसीलिये मंदिर में विभिन्न राज्यों से तथा देश विदेशो से भी लोग माता के दर्शन के लिये आते है एवं विशेष कार्य के लिये माता मंदिर में अनुष्ठान एवं हवन पूजन कर माता का आशिर्वाद प्राप्त करते है।

माँ बगलामुखी मंदिर नलखेड़ा का इतिहास

माँ बगलामुखी मंदिर मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के नलखेड़ा नगर में लखुन्दर नदी के के पूर्वी तट पर स्थित है। यह मंदिर पांडव कालीन अति प्राचीन है मंदिर के गर्भ गृह में माता बगलामुखी की स्वयंभू प्रतिमाह के रूप में विराज मान है तथा माता के साथ दाये बाये महालक्ष्मी महा सरस्वती विराज मान है।

यह मंदिर देश विदेश में अति प्रचलित है एवं चमत्कारिक भी है। मंदिर परिसर में भैरव ,हनुमान व पारदेश्वर राधे कृष्ण मंदिर के साथ ऋषि मुनियों की अति प्राचीन जाग्रित समाधिया स्तिथ है जो की मंदिर को अति प्राचीन होने का प्रमाण देती है मंदिर की मान्यता अनुसार माता त्वरित फल दाई है इसीलिये मंदिर में विभिन्न राज्यों से तथा देश विदेशो से भी लोग माता के दर्शन के लिये आते है एवं विशेष कार्य के लिये माता मंदिर में अनुष्ठान एवं हवन पूजन कर माता का आशिर्वाद प्राप्त करते है।

पंडित यशवंत व्यास जी

पंडित श्री यशवंत व्यास जी मध्य प्रदेश के जिला मंदसौर, तहसील गरोठ, ग्राम खाखेड़ी के प्रतिष्ठित ब्राह्मण परिवार से संबंध रखते हैं। इनका परिवार समाज में अपनी आध्यात्मिक और धार्मिक परंपरा के लिए जाना जाता है। बचपन से ही धार्मिक संस्कार और वैदिक अध्ययन की प्रेरणा मिलने के कारण इन्होंने वेद, ज्योतिष और वास्तु के क्षेत्र में गहन अध्ययन एवं साधना की।

पंडित जी ने श्री कायावर्णेश्वर वेद विद्या पीठ, क्यासरा (डग), झालावाड़ से वेदों की शिक्षा प्राप्त की तथा आगे चलकर सांदीपनी प्रतिष्ठान, उज्जैन से ज्योतिष और वास्तु का विशेष अध्ययन किया। आज वे ज्योतिष एवं वास्तु विशेषज्ञ के रूप में भी जाने जाते हैं।

मां जगदंबा की कृपा से पंडित जी को वाक् सिद्धि, ब्रह्मास्त्र विद्या तथा अन्य आध्यात्मिक सिद्धियों का आशीर्वाद प्राप्त है। इनके आचार्यत्व में कई बड़े धार्मिक अनुष्ठान जैसे हजारों कुंडीय यज्ञ, मूर्ति प्रतिष्ठा, सहस्त्र चंडी पाठ एवं अन्य वैदिक अनुष्ठान सफलतापूर्वक संपन्न हुए हैं।

पंडित यशवंत व्यास जी वर्तमान में मां बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा (जिला आगर-मालवा, मध्य प्रदेश) में साधना और विशेष अनुष्ठान करते हैं। वे मां बगलामुखी साधना, तांत्रिक अनुष्ठानों और वैदिक कर्मकांड के प्रसिद्ध साधक माने जाते हैं।

उन्हें मां बगलामुखी की साधना का 13+ वर्षों का विशेष अनुभव है और कुल मिलाकर 18+ वर्षों से वैदिक कर्मकांड एवं धार्मिक अनुष्ठानों का अनुभव है।

पंडित जी विभिन्न प्रकार के विशेष अनुष्ठान एवं साधनाएं सम्पन्न करवाते हैं, जैसे —
सम्मोहन तंत्र प्रयोग (लाल मिर्च प्रयोग), राजनीतिक लाल मिर्च प्रयोग, वशीकरण (भैरव प्रयोग), लक्ष्मी प्राप्ति (वैदिक प्रयोग) तथा रोग निवारण (चंडी प्रयोग)।

इसके अतिरिक्त वे पीताम्बरा साधना (लाल मिर्च अनुष्ठान), शत्रु स्तंभन, ऋण मुक्ति, व्यापार वृद्धि तथा जीवन की विभिन्न बाधाओं के निवारण हेतु भी विशेष अनुष्ठान करवाते हैं।

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